हम दिखाएंगे…आपको आपका शहर !
द संवाद की आँखों से
जानेंगे कैसे हैं हमारे पुर्वज!
किया दिया है हमारे शहर को!
कैसा है इतिहास हमारे शहर का!
कैसी थी यहां की संस्कृति !
कैसे करते थे लोग अपना पालन -पोषण !
और
आज!
कैसे हैं हम , कैसी है नई पीढ़ी
हम कैसा शहर आने वाली नस्ल को सौंपना चाहते हैं !
कैसे संवार या बिगाड़ रहे हम अपने शहर को !
किस संस्कृति का हम कर रहे पालन -पोषण !

आइये !
जानें !
संवारने, सजाने और बिगाड़ से रोकने के लिए :
किया हो सकता है हमारा योगदान ?
किया हो सकते हैं हमारे सवाल ?
किन से , कब, कियों और कैसे पूछे जाने चाहिये सवाल ?
कौन-कौन है जवाबदेह !

आत्मसम्मान !
सद्भाव!
सैलाब!
नशा!
रोज़गार!
शिक्षा!
स्वास्थ्य!
हम अपने इन मुद्दों पर
कब सोचेंगे ! कब बोलेंगे ! कब देंगे अपना योगदान!

जुड़े रहें , देखते रहें, पढ़ते रहें ….”द संवाद”
हमें चाहिये आम-जनों का साथ
“द संवाद” …. सच के साथ