बाजार में अब नहीं मिलेंगी कोडीन युक्त दवाएं। 2 जून को एक अधिसूचना जारी कर भारत सरकार ने ऐसी दवा के उत्पादन, वितरण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
भारत सरकार ने 10 मार्च 2016 को औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 का 23 की धारा 26 के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग कर क्लोरफेनिरेमाइन मेलिएट एवं कोडीन के निश्चित खुराक संयोजन वाली दवा के बिक्री हेतु उत्पादन एवं वितरण पर एक अधिसूचना जारी कर प्रतिषिद्ध कर दिया था। लेकिन एक अपील जिसमें भारत संघ और अन्य बनाम फाइजर लिमिटेड एवं अन्य के मामले की सुनवाई करते हुए 15 दिसंबर 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि इसके उत्पादन को वर्ष 1988 में चुंकी अनुमोदित किया जा चुका है, ऐसे में सरकार यदि इसे निषिद्ध करना चाहती है तो नए सिरे से इसकी जांच कर तदुपरांत निर्णय ले सकती है। इसी आलोक में भारत सरकार द्वारा गठित एक विशेषज्ञ समिति ने 1 अप्रैल 2022 को अपने रिपोर्ट में इस निश्चित खुराक संयोजन वाली दवा को जनहित में निषिद्ध करने की सिफारिश की थी।
भारत सरकार द्वारा गठित औषधि तकनीकी सलाहकार बोर्ड ने विशेषज्ञ समिति द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर अपनी सहमति जाहिर की थी।

इसी आलोक में भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने उक्त दोनों कमिटियों की सलाह पर क्लोरफेनिरेमाइन मेलिएट एवं कोडीन सीरप की निश्चित खुराक संयोजन वाली दवा मानव उपयोग के लिए उत्पादन, वितरण एवं बिक्री पर 2 जून 2023 को एक अधिसूचना जारी कर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।