बेगाना सारणवी की किताब का रस्मे इजरा और अदबी कार्यकर्मों का आयोजनअररिया के मिल्लत नगर स्थित गुलश ए आइशा के सेमिनार हाल में 26 नवंबर शनिवार को प्रसिद्ध कवि मंजूरुल हक़ बेगाना सारनवी की किताब गुल्हा ए रंग बरंग का लोकार्पण हुआ, इस अवसर पर अन्य अदबी कार्यक्रमों का भी आयोजन किया.

गयामिली जानकारी के अनुसार अदबी संगठन उसलूब अररिया के बैनर तले बेगाना सारणवी के शायरी की नई किताब गुल्हा ए रंग बरंग के लोकार्पण के अवसर पर, अदबी प्रतियोगिता, तमसीली मुशायरा, अंताक्षरी, के अलावा बज्म ए मकाला महफ़िल ए अफसाना एंव शानदार मुशायरा आयोजित किया गया। बज्म ए मकाला में एहसानुल इस्लाम कासमी का निबंध सीमांचल में उर्दू शायरी, हस्सान जामी कासमी का निबंध मौलाना अब्दुल वहीद साकिब जोगिंदरवी का बौद्धिक एवं शअरी नजाम, और हुमायूं अकबाल नदवी का निबंध पूर्व सांसद मौलाना असरारुल हक़ क़ासमी की अदबी सेवाएं जैसी विषय पर कही गई उस के बाद महफिल ए अफसाना में प्रोफेसर अहसन आलम के लघु कथा आखरी सदमा, मास्टर अरशद अनवर अलिफ का गाय चुनावी नैया, अरशद क़ासमी अलीग का आत्महत्या और परवेज़ अलीग का अनजानी खुशी को श्रोताओं ने खूब सराहा।इसके बाद महफिल अफसाना की अध्यक्षता कर रहे प्रसिद्ध लेखक एंव कथाकार रफ़ीअ हैदर अंजुम ने उपन्यास श्रोताओं के बीच रखीउस के बाद बेगाना सारणवी की किताब गुल्हाय रंग बरंग का लोकार्पण हुआ और कवियों ने अपनी शायरी से प्रोग्राम को काव्यमय किया ग्यारह बजे दिन से ग्यारह बजे रात तक चले इस प्रोग्राम के संयोजक हुसैन अहमद हमदम ने उसलूब के सदस्यों एंव प्रोग्राम में आए श्रोताओं को धन्यवाद दिया और मुशायरा के अध्यक्ष बेगाना सारणवी रहे।

महफिलें शायरी के बाद प्रोग्राम का समापन हुआ।प्रोग्राम में मुख्य रूप से बेगाना सारणवी, अरशद अनवर अलिफ़, सैयद शमीम अनवर, परवेज़ आलम अलिग, रफी हैदर अंजुम, मुफ्ती इनामुल बारी, कारी नियाज़ अहमद कासमी, महबूब आलम, मेराज खालिद, हुसैन अहमद हमदम, नौशाद आलम, अब्दुल बारी जख्मी, रजी अनवर आदि उपस्थित रहे।




