बिहार चुनाव परिणामों के बाद गुरुवार को पहली बार बोलते हुए आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग से उन बैलट वोटों को दोबारा गिनने की मांग की जहां पर इन्हें अंत में गिना गया.

 

उन्होंने कहा कि मतगणना में गड़बड़ी की गई है और जनमत महागठबंधन के पक्ष में आया है. उन्होंने चुनाव आयोग से सवाल किया कि पोस्टल बैलट को पहले क्यों नहीं गिना गया और कई सीटों पर इन वोटों को अवैध घोषित कर दिया गया.

 

तेजस्वी ने कहा कि 20 सीटों पर महागठबंधन बेहद कम अंतर से हारा है और कई सीटों पर 900 पोस्टल बैलट को अवैध घोषित किया गया.

तेजस्वी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पैसा, ताक़त और धोखे का सहारा लिया लेकिन फिर भी वो 31 साल के युवा को रोक नहीं पाए, वे आरजेडी को सबसे बड़ी पार्टी बनने से रोक नहीं पाए.

 

इस दौरान तेजस्वी को आरजेडी के विधायक दल का नेता भी चुना गया.

तेजस्वी यादव को राजद के विधायक दल का नेता और साथ ही महागठबंधन का भी नेता चुना गया ।
तेजस्वी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा :-
1- मतगणना में गड़बड़ी हुई ।
2- जनादेश महागठबंधन को मिला, लेकिन चुनाव आयोग का परिणाम NDA के पक्ष में।
3- हमलोग दिल में हैं, हम जीते हैं, बीजेपी चोर दरवाजे से सत्ता में आई, जेडीयू तीसरे नंबर पर ,नीतीश कुर्सी छोड़ें।
3- किसी ने हमें नुकसान नहीं पहुंचाया , हमारी जीत हुई है।
4- 20 सीटों पर बहुत कम अंतर से हारा महागठबंधन।
5- 900 पोस्टल बैलेट को अवैध घोषित किया गया ।
6- महागठबंधन की मांग है कि इन सीटों पर रिकाउंटिंग कराया जाााा एगएगमहागठबंधन के लगभग 20 उम्मीदवारों को जानबूझकर हराया गया।
7- एनडीए और महागठबंधन के बीच 12,270 वोट का अंतर है. इसी 12 हजार के अंतर में एनडीए 15 सीट अधिक जीत गया।