रानीगंज विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र (47)
जानेंगे हम आज रानीगंज विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के बारे में।
परिसीमन के बाद रानीगंज विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में:
रानीगंज प्रखंड के 32 पंचायत और भरगामा प्रखंड के 7 पंचायत
Total : 39 पंचायत शामिल हैं।
कुल मतदाता हैं : 3,34,614
पुरुष मतदाता हैं : 1,73,967
महिला मतदाता हैं : 1,60,631
अन्य मतदाता हैं : 16
पुरुष और महिला मतदाताओं का अनुपात है: 52 % : 48 %
मतदाताओं की संख्यां के हिसाब से फारबिसगंज के बाद अररिया ज़िला का सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र है रानीगंज।
रानीगंज विधानसभा क्षेत्र का गठन हुआ 1957 में ।
1962 के बाद रानीगंज विधानसभा सीट अनुसूचित जाती के लिए आरक्षित हो गयी।
पहला विधानसभा चुनाव हुआ था 1957 में।
पहले विधायक कांग्रेस पार्टी से बने थे स्व रामनारायण मंडल।
डूमर लाल बैठा रानीगंज विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके हैं।
बताता चलूँ ! डूमर लाल बैठा फारबिसगंज विधानसभा क्षेत्र से भी विधायक रह चुके हैं, और अररिया लोकसभा से दो बार सांसद (1980 और 1984 में ) रहे और केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री भी रह चुके हैं।
रानीगंज विधानसभा से और भी कई दिग्गज विधायक व मंत्री रह चुके हैं। यमुना प्रसाद , शांति देवी और रामजी ऋषिदेव भी इसी विधानसभा क्षेत्र से चुने गए थे।
1957 : रामनारायण मंडल (कांग्रेस)
1962 : गणेश लाल वर्मा (स्वतंत्र)
1967: डूमर लाल बैठा (कांग्रेस)
1969: डूमर लाल बैठा (कांग्रेस)
1972: बुन्देल पासवान (स्वतंत्र)
1977: अधिकलाल पासवान (जेएनपी)
1980: यमुना प्रसाद राम (कांग्रेस)
1985: यमुना प्रसाद राम (कांग्रेस)
1990: शांति देवी (जनता दल)
1995: शांति देवी (जनता दल)
2000: यमुना प्रसाद राम (राजद)
2005: परमानंद ऋषिदेव (भाजपा)-फ़रवरी
2005: रामजी दास ऋषिदेव (भाजपा)-नवंबर
2010: परमानंद ऋषिदेव (भाजपा)
2015: अचमित ऋषिदेव (जदयू)
रानीगंज विधानसभा क्षेत्र से:
कांग्रेस ने 5 बार, भाजपा ने 3 बार , जनता दाल ने 2 बार , निर्दलीय उम्मीदवारों ने 2 बार , जनता पार्टी ने 1 बार, राजद ने 1 बार और जदयू ने 1 बार जीत दर्ज की है।
तीन बार यमुना प्रसाद, दो बार डूमर लाल बैठ और दो बार शांति देवी इस विधानसभा से विधायक बने हैं।
पिछले विधानसभा 2015 में रानीगंज विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र का रिजल्ट इस प्रकार था:
जदयू के अचमित ऋषिदेव को 77 ,717 मत आये थे और
भाजपा उम्मीदवार रामजी दास ऋषिदेव को 62 ,787 मत आये थे ,
हार और जीत का अंतर था 14 ,930 मतों का ,
2015 में कुल मतदाता थे 2,73,431 और इस बार कुल मतदाता हैं 3,34,614
61,183 मतदाता बढ़ गए हैं। एक बड़ी संख्यां मतदाताओं की बढ़ गई है।
पिछले विधानसभा में वोटिंग हुई थी 56 %
देखना यह है कि इस बार कितना प्रतिशत मतदान हो पाता है।
लोकसभा, विधानसभा यहाँ तक कि पंचायत चुनाव के समय भी बाहर काम करने वाले मज़दूर वोट देने के लिए वापस अपने घर आया करते थे , लेकिन इस बार विपरीत दृश्य देखने को मिल रहा है, गरीबी की मार झेल रहे लोग लॉकडाउन ख़तम होते ही वापस बाहर का रुख़ कर रहे हैं।
इस बार के चुनाव में एनडीए में शामिल जदयू ने अपने निवर्तमान विधायक अचमित ऋषिदेव पर ही दाव लगाया है। जबकि महागठबंधन ने अपना पत्ता अब तक नहीं खोला है। चर्चा गर्म थी कि रामजी दास ऋषिदेव राजद से टिकट के प्रबल दावेदार हैं। लेकिन कुछ दिन पहले उनका निधन हो गया। अब देखना ये होगा कि महागठबंधन किसे अपना उम्मीदवार बनाती है। वहीं अगर एलान के मुताबिक लोजपा भी मैदान में उतरती है तो मुकाबला त्रिकोणीय और दिलचस्प होने की पूरी संभावना है।
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#Bihar2020 #ArariaElection
Video cast : The Samwaad
Report : The Samwaad team
Voice : Sy Muzammil Jamal
Video Shut : Hammad/Jibran
Video edit : Hammad Haider
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