फारबिसगंज विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र (48)

जानेंगे हम आज फारबिसगंज विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के बारे में।

2009 के परिसीमन के बाद फारबिसगंज विधानसभा क्षेत्र में कोई ख़ास बदलाव नहीं हुआ।

फारबिसगंज विधानसभा के अंदर :

फारबिसगंज प्रखंड के 32 पंचायत , फारबिसगंज नगर परिषद् और नगर पंचायत जोगबनी शामिल हैं।

कुल मतदाता हैं : 3,38,632

पुरुष मतदाता हैं : 1,78,095

महिला मतदाता हैं : 1,60,528

अन्य हैं : 09

पुरुष और महिला मतदाताओं का अनुपात है: 52 .6 % : 47 .4 %

पहला विधानसभा चुनाव हुआ था 1952 में

1952 से 2015 तक विधानसभा चुनाव हुए 17 बार

सबसे पहले विधायक चुने गए थे कांग्रेस प्रत्याशी स्व बोकाई मंडल |

पिछले विधानसभा 2015 में विधायक बने भाजपा प्रत्याशी विद्यासागर केसरी ।

1972 में, प्रसिद्ध साहित्यकार फणीश्वर नाथ रेणु इसी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़े थे लेकिन सफलता नहीं मिली थी , जीत कांग्रेस प्रत्याशी सरयू मिश्र की हुई थी।

इसी फारबिसगंज विधानसभा से डुमर लाल बैठा विधायक रहे , डुमर लाल बैठा केंद्रीय राज्य रक्षा मंत्री भी रहे।

इसी फारबिसगंज विधानसभा से सरयू मिश्र बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री भी रहे।

फारबिसगंज विधानसभा क्षेत्र से:

कांग्रेस प्रत्याशी ने 8 बार जीत दर्ज की है।

भाजपा प्रत्याशी ने 6 बार जीत दर्ज की है।

1952 से 1985 तक (केवल 1962 विधानसभा चुनाव छोड़ कर ) इस विधानसभा से कांग्रेस ने जीत हासिल की है।

1990 से 2015 (पिछले विधानसभा चुनाव) तक (केवल 2000 विधानसभा चुनाव छोड़ कर ) इस विधानसभा से भाजपा ने जीत हासिल की है।

स्व० सरयू मिश्र ने सबसे ज़्यादा सात 7 बार इस विधानसभा से अपनी जित दर्ज की है।

1952 : बोकाई मंडल (कांग्रेस)

1957 : डूमर लाल बैठा (कांग्रेस )

1957 : शीतल गुप्ता (कांग्रेस )

1962 : सरयू मिश्र (पीएसपी)

1967: सरयू मिश्र (कांग्रेस)

1969: सरयू मिश्र (कांग्रेस)

1972: सरयू मिश्र (कांग्रेस)

1977: सरयू मिश्र (कांग्रेस )

1980: सरयू मिश्र (कांग्रेस )

1985: सरयू मिश्र (कांग्रेस)

1990: मयानंद ठाकुर (भाजपा)

1995: मयानंद ठाकुर (भाजपा)

2000: ज़ाकिर हुसैन खान (बीएसपी)

2005: लक्ष्मीनारायण मेहता (भाजपा ) (फ़रवरी में )

2005: लक्ष्मीनारायण मेहता (भाजपा ) (नवंबर में )

2010: पदम पराग राय वेणु (भाजपा)

2015: विद्यासागर केसरी (भाजपा)

2015 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के विद्यासागर केसरी उर्फ मंचन केसरी ने 85,926 मत प्राप्त कर जीत का परचम लहराया था।

वहीं राजद प्रत्याशी के एन विश्वास को सिर्फ 60, 691 वोट मिले और उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

हार और जीत का अंतर था 25 , 238 वोट का,

2015 में कुल वोटर्स थे 2,99,961 और इस बार कुल वोटर्स हैं

3,38,63238 ,671 वोटर्स बढ़ गए हैं। यानी जितने से हार जीत हुई थी उस से ज़्यादा वोटर्स बढ़ गए हैं।

पिछले विधानसभा में वोटिंग हुई थी 62 %

इस बार ये देखना है कि कौन-कौन उम्मीदवार मैदान में होते हैं।

फारबिसगंज विधानसभा से शुरू में कांग्रेस और उसके बाद लगातार भाजपा प्रत्याशी की जीत होती आई है, क्या ये सिलसिला आगे भी जारी रहेगा या इनमें कोई बदलाव देखने को मिलेगा !

निर्भर करता है इस विधानसभा क्षेत्र की जनता पर, वो क्या चाहती है।

देखते रहिये..जुड़े रहिये.. द संवाद..सच के साथ

#Bihar2020 #ArariaElection

Video cast : The Samwaad
Report : The Samwaad team
Video edit : Hammad Haider

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