नशा के खिलाफ आंदोलन चलाने वालों को किया गया सम्मानित।
राब्ता कमिटी ने कुल चालीस युवाओं को दिया प्रशस्ति पत्र।
अररिया:
एक ओर बिहार सरकार ने सूबे में शराब बंदी लागू कर दिया है। इसे रोकने के लिए सजा का प्रावधान भी सरकार के द्वारा किया गया है। बावजूद इसके अररिया में तेजी के साथ नशा का कारोबार फैल रहा है।

युवा और हमारे समाज के बच्चे इसके चपेट में बड़ी संख्या में आ रहे हैं। वहीं इस सामाजिक कुरीतियां के खिलाफ सरकार के साथ साथ कई संस्था भी अब आगे आ रही है। जिले के दर्जनों जागरूक युवा शराब बंदी मुहिम में बढ़चढकर हिस्सा ले रहे हैं। जागरूकता अभियान चलाकर पंचायतों में नशा को रोकने के लिए ग्रामीणों द्वारा कमिटी बनाई जा रही है। कमिटी के लोग न केवल नशा खोर को पकड़ कर उसे नसीहत दे रहे हैं बल्कि नशा के कारोबारियों पर भी नजर रख रहे हैं।

नशा के खिलाफ मुहिम चलाने वालो को चिन्हित कर उन्हें प्रोत्साहित करने के मकसद से उन्हें सम्मानित किया जा रहा है। राब्ता कमिटी अररिया द्वारा बुधवार को अररिया स्थित होटल एवर ग्रीन में कार्यक्रम आयोजित कर इस अभियान को सफल बनाने वाले लोगों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। मौके पर कूल चालीस लोगों को सम्मानित कर राब्ता कमिटी के लोगों ने एक सराहनीय कार्य किया।

मुख्य अतिथि के रूप में एस डी पी ओ पुष्कर कुमार, अल्हाज नैयरूज जमा, मो मोहसिन, ताहा ख़ामोश, रजी अहमद, मुफ्ती इनामुल बारी, कारी नियाज़ अहमद कासमी, अयूब निजामी के अलावा शहर के गन्यमान लोग शामिल थे।
जिन लोगों को सम्मानित किया गया उसमे दर्जनों मुखिया, जिला पार्षद और युवा सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे। जिसमे मुख्य रूप से मुखिया मसूद आलम, मुखिया असरार अहमद, परवेज आलम, जुबैर आलम, मिन्नत रहमानी, जिला पार्षद इश्तियाक आलम, फैसल यासीन, मोहतसीम अख्तर, इम्तियाज अनीस लड्डू, अरशद अनवर अलिफ, तबरेज आलम, मोकर्राम आफाकी, रजी अनवर के अलावा अन्य लोग शामिल है।
कार्यक्रम के संयोजक मौलाना जसीम उद्दीन ने बताया की नशा के खिलाफ युवा द्वारा चलाया जा रहा ये जागरूकता अभियान आने वाले दिनों में मील का पत्थर साबित होगा।












