फारबिसगंज प्रखंड के सिमरा थाना क्षेत्र अंतर्गत डोरिया सोनापुर से 3 वर्षीय रैयान नाम के एक बच्चे के अपहरण का मामला बीते 10 अगस्त को सामने आया था। बच्चा डोरिया सोनापुर वार्ड नंबर 9 के रहने वाले इमरान का है। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट ग्रामीणों ने 12 अगस्त को एनएच 57 को लाइन चौक के समीप लगभग 5 घंटे तक जाम कर दिया था। उस दिन मौके पर सिमराहा थाना पुलिस पहुंची लेकिन गुस्साए ग्रामीणों को समझाने में नाकाम रहे तत्पश्चात फारबिसगंज एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया और एनएचके जाम को खुलवाया था। शक की बुनियाद पर ग्रामीणों ने तीन व्यक्ति को पुलिस के हवाले भी किया था जिसमें से एक को पुलिस पूछताछ कर रही है और पुलिस का कहना है कि उसकी निशानदेही पर छापेमारी की जा रही है। शक की बुनियाद पर पुलिस जीसे पूछताछ कर रही है वह डोरिया सोनापुर वार्ड संख्या 9 के ही हसीब का पुत्र सनाउल्लाह है। परिजनों ने बताया कि बच्चे को 10 अगस्त को उसके घर के पास से ही अगवा किया गया था। लेकिन पुलिस जिस तरह से काम कर रही है एक महीना में अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।इस मामले में 10 सितंबर को अगवा किए गए बच्चे के माता पिता ने कुछ ग्रामीणों के साथ मिलकर जिला मुख्यालय में रैली निकाला और कई जनप्रतिनिधि से मिले और मदद मांगा सभी लोगों ने पूरी मदद करने का आश्वासन दिया है। इसी कड़ी में यह लोग वर्तमान सांसद प्रदीप कुमार सिंह से मिले, बिहार सरकार में आपदा प्रबंधन मंत्री शाहनवाज के भी घर पर गए लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हुई, अंत में पूर्व सांसद सरफराज आलम के आवास पर गए और उनसे भी मदद की गुहार लगाई और पूरे मामले से अवगत कराया। इसके बाद ग्रामीणों के साथ बच्चे के परिजन समाहरणालय में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। अब देखना यह है कि पुलिस इसमें आगे किस तरह काम करती हैं!
